भारत का नाम (भारत) भारतीय संविधान में दिए गए नामों में से एक है, और यह एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और धार्मिक संदर्भ पर आधारित है। भारत के नाम को लेकर विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार हैं। इसे (भारत) और (इंडिया) दोनों नामों से जाना जाता है, और दोनों ही नामों का महत्व और अर्थ है। नीचे भारत के नाम के विभिन्न आधारों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है:
1. भारत नाम का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार**:
- (भारत) नाम का संबंध (भारतीय उपमहाद्वीप) की प्राचीन परंपराओं और इतिहास से है।
- यह नाम प्राचीन भारत के महान सम्राट (भरत) से लिया गया है।
- भारतीय महाकाव्य ही महाभारत में भरत एक महान सम्राट के रूप में वर्णित हैं, जिनके नाम पर भारत देश को (भारत )कहा गया।
- भरत को भारतीय संस्कृति में एक आदर्श राजा के रूप में पूजा जाता है और उन्हें (सप्तपदी)(सात कदमों के साथ) की प्रतिष्ठा प्राप्त है। उनके शासनकाल को भारतीय इतिहास में एक स्वर्णिम युग के रूप में देखा जाता है।
- यह भी कहा जाता है कि वेदों पुराणों और अन्य प्राचीन ग्रंथों में (भरत )का नाम विशेष महत्व रखता है, और उनका वंश भारतवर्ष के शासकों का प्रतीक माना जाता है।
2. संविधान में भारत का नाम
- भारतीय संविधान के धारा 1 में स्पष्ट रूप से लिखा है कि "भारत" और "भारत गणराज्य" दोनों नामों का उपयोग किया जा सकता है। इसका मतलब है कि संविधान ने भारत को आधिकारिक रूप से दो नामों से पहचाना है:
- (भारत )(जो कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ में स्थापित है),
- (इंडिया)(जो कि अंग्रेजी और पश्चिमी संदर्भ में लिया गया है)।
3. भारत का नाम "इंडिया" से क्यों जुड़ा है
- इंडिया नाम का जड़ इंडस नदी से है, जो वर्तमान पाकिस्तान में बहती है। यह नदी प्राचीन काल में भारतीय उपमहाद्वीप की महत्वपूर्ण नदी थी।
- ग्रीक और रोमन सभ्यताओं में "इंडिया" शब्द का प्रयोग हुआ था, जो इंडस नदी के आस-पास के क्षेत्रों के लिए था। यह नाम यूरोपीय और पश्चिमी देशों में प्रचलित हो गया और धीरे-धीरे पूरे उपमहाद्वीप के लिए इस्तेमाल होने लगा।
4. भारत का नाम और जड़ी हुई संस्कृतियाँ
- भारत नाम की व्याख्या संस्कृत शब्द से की जाती है, जो (भरत)से संबंधित है, जैसा कि ऊपर उल्लेखित है।
- भारतीय संस्कृति, भाषा, धर्म, और सभ्यता की जड़ें यहां के प्राचीन समय से जुड़ी हुई हैं, और "भारत" नाम इन सभी परंपराओं, धरोहरों, और सांस्कृतिक विरासतों का प्रतीक है।
5. भारत" नाम का आधिकारिक अपनाना
- भारत को भारत नाम तब औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था जब संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, क्योंकि पहले यह देश हिंदुस्तान या इंडिया के रूप में अधिक प्रसिद्ध था।
6. भारत नाम का भूगोलिक संदर्भ
- भारत शब्द का प्रयोग केवल एक देश का नाम नहीं, बल्कि भौगोलिक क्षेत्र के रूप में भी किया जाता है। यह क्षेत्र भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा है, जो अफगानिस्तान से लेकर बांगलादेश और म्यांमार तक फैला हुआ है।
- प्राचीन भारत का भूगोल अब भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांगलादेश, और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में बंट गया है, लेकिन यह नाम ऐतिहासिक रूप से भारत के पूरे क्षेत्र को संदर्भित करता है।
( निष्कर्ष )
भारत का नाम **"(भारत)"** प्राचीन भारतीय संस्कृति, इतिहास, और भूगोल पर आधारित है। यह नाम भारतीय महाकाव्य, खासकर **(महाभारत)** और **(भरत)** के महान सम्राट से जुड़ा हुआ है। संविधान में इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया है, जबकि "इंडिया" नाम पश्चिमी सभ्यता और **(इंडस)** नदी के आधार पर आया है। दोनों नाम आज भी समान रूप से प्रचलित हैं और भारत के इतिहास, संस्कृति और विविधता का प्रतीक बने हुए हैं।
दीपक परमार
